ये मेरी सच्ची बहन की चुदाई कहानी है जो मैं हमेशा से छुपाकर रखना चाहता था लेकिन आज दिल की बात तुम्हारे साथ शेयर कर रहा हूँ। xxx देसी हिंदी सेक्स कहानी में वो पल आज भी ताजा हैं जब गर्मियों की छुट्टियों में मैं मामा के घर गया था। वहाँ मेरी मौसी की बेटी प्रिया भी आ गई थी।
उस समय मेरी उम्र 21 साल थी और प्रिया की उम्र लगभग 19 साल रही होगी। हम दोनों जवानी की मस्ती में डूबे हुए थे। उसके बदन के उभरे हुए हिस्से उसकी जवानी को और भी आकर्षक बना रहे थे। उसकी खूबसूरती देखकर कैटरीना जैसी लगती थी लेकिन उसकी चूचियां तो और भी बड़े और आकर्षक थे। उसे देखते ही मेरी रातों की नींद उड़ने लगी थी।
एक रात मैं खुद को काबू में नहीं रख पाया। चुपके से उसके पास गया और रजाई हटा दी। उसकी चुन्नी उसके बड़े स्तनों पर इस तरह लिपटी हुई थी जैसे कोई काला सांप खजाने की रखवाली कर रहा हो। मैंने हाथ बढ़ाया ही था कि सर्दी से उसकी आंख खुल गई।
मुझे देखते ही वो चौंक गई। मैंने तुरंत उसके मुंह पर हाथ रख दिया और चुपचाप वहां से चला गया। लेकिन मन में डर था कि कहीं वो किसी को बता न दे। मैंने सोच लिया कि सुबह ही घर वापस चला जाऊंगा।
स्टेशन जाते वक्त उसका फोन आ गया। प्रिया ने कहा कि आग लगाकर जाना अच्छा नहीं होता। बस इतना कहकर फोन काट दिया। ये सुनते ही मेरे अंदर की हसरतें जाग उठीं। मैं तुरंत टैक्सी लेकर वापस पहुंच गया।
सबने पूछा कि वापस क्यों आ गया। मैंने कोई बहाना बना दिया कि दोस्त ने पापा की आवाज निकालकर मजाक किया था। अब मैं बेसब्री से रात होने का इंतजार कर रहा था।
जब सब सो गए तो मैं चुपके से उसके कमरे में गया। देखा वो भी जाग रही थी। मैंने पूछा सोई क्यों नहीं। उसने कहा जब बदन में आग लगा दी हो तो नींद कैसे आएगी।
मैंने उसे अपनी बाहों में उठा लिया। उसके नाजुक बदन के स्पर्श से मेरे शरीर में बिजली सी दौड़ गई। ऊपर गेस्ट रूम था जो खाली रहता था। मैं उसे वहां ले गया।
बेड पर लिटाकर उसके मदमाते बदन को देखने लगा। प्रिया बोली तुम्हारी शरारती नजरें मेरे बदन को और बेकरार कर रही हैं। मैंने एक एक करके उसके सारे कपड़े उतार दिए। अब वो सिर्फ ब्लैक ब्रा और पैंटी में थी।
उसने भी मेरे कपड़े उतार दिए। मैं उसे किस करने लगा। उसके पूरे शरीर पर गरम होंठों से किस करते हुए मैं उसकी पैंटी हटाकर उसकी चूत को देखने लगा। वो पूरी तरह गीली हो चुकी थी और उसकी जवानी की खुशबू मुझे पागल कर रही थी।
फिर मैंने उसकी ब्रा भी उतार दी। उसके बड़े और टाइट स्तन मेरे मुंह में आ गए। मैंने उन्हें जोर जोर से चूसा। प्रिया तड़पने लगी और मस्त आवाजें निकलने लगीं अह्ह्ह… ऊफ्फ… सावन… अब मत तड़पाओ।
मैं उसके स्तनों को चूसता हुआ नीचे उसकी चूत तक पहुंचा। अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटने लगा। प्रिया ने मेरे लंड को हाथ में पकड़कर चूसना शुरू कर दिया। हम दोनों 69 पोजीशन में हो गए।
कुछ देर बाद उसकी चूत से रस निकल आया जो मैंने चूस लिया। मेरे लंड का भी वीर्य निकल गया जो उसने पी लिया। हम एक दूसरे से लिपटे रहे।
थोड़ी देर बाद हम फिर तैयार हो गए। मैंने उसे नीचे लिटाया और अपना लंड उसकी चूत पर रखा। लेकिन वो बहुत टाइट थी। कई कोशिशों के बाद भी पूरा नहीं जा रहा था।
मैंने कोल्ड क्रीम लगाई और धीरे धीरे अंदर डाला। फिर एक जोरदार झटके से पूरा लंड अंदर चला गया। प्रिया चीख पड़ी और खून निकलने लगा। वो दर्द से बेहोश हो गई।
मैंने पानी के छींटे मारे तो होश आया। फिर मैंने धीरे धीरे चुदाई शुरू की। अब वो भी साथ देने लगी। अह्ह सावन चोदो मुझे… मैं मर गई।
उस रात हमने कई बार चुदाई की। कभी घोड़ी बनाकर कभी ऊपर चढ़कर। उसकी चूत मेरे लंड को पूरी तरह निचोड़ रही थी। हम दोनों पसीने से तर हो चुके थे।
सुबह होने तक हम थक चुके थे लेकिन खुशी से भरे हुए थे। ये मेरी पहली असली चुदाई थी जिसने मुझे पूरी तरह बदल दिया।
उसके बाद छुट्टियों के बाकी दिन हम रोज चोदते रहे। कभी बाथरूम में कभी छत पर। प्रिया एकदम चुदक्कड़ बन गई थी। वो खुद मुझसे चुदवाने को कहती।
मैंने उसे कई पोजीशन में चोदा। कभी स्टैंडिंग में तो कभी कुर्सी पर बिठाकर। उसकी चूत अब मेरे लंड के आकार की हो गई थी।
एक दिन हम दोनों अकेले घर में थे। मैंने उसे किचन में चोदा। वो बर्तन धो रही थी मैं पीछे से लंड घुसा दिया। वो चिल्लाई लेकिन मजा ले रही थी।
हम दोनों की चुदाई का सिलसिला कई दिनों तक चलता रहा। वो मेरी बहन जैसी थी लेकिन चुदाई में मेरी पूरी पार्टनर बन गई।
जब छुट्टियां खत्म होने वाली थीं तो हम दोनों उदास थे। आखिरी रात हमने पूरा जश्न मनाया। मैंने उसे पूरे बदन पर चूम लिया और कई बार चोदा।
उसकी चूत मेरे वीर्य से भरी हुई थी। हम दोनों थककर सो गए। सुबह वो मुझे किस करके विदा हुई।
ये थी मेरी सच्ची बहन की चुदाई कहानी जो मैंने अपनी जिंदगी में कभी नहीं भुलाई। अब भी याद करके लंड खड़ा हो जाता है।
दोस्तों अगर आपको ये लंबी वाली xxx बहन की चुदाई कहानी पसंद आई तो बताना। मैं और भी अपनी छुपी हुई यादें शेयर कर सकता हूँ। प्रिया जैसी बहन के साथ चुदाई का मजा ही कुछ और है। हमने एक दूसरे को पूरी तरह संतुष्ट किया।
उसके बाद भी कई बार हम मिले और चुदाई करते रहे। हर बार नया तरीका अपनाते। कभी तेल लगाकर मालिश के बहाने तो कभी शावर के नीचे। प्रिया की चुत हमेशा मेरे लंड के लिए तैयार रहती।
ये अनुभव मेरी जिंदगी का सबसे गर्म और यादगार पल था। मैंने कभी सोचा नहीं था कि मौसी की बेटी के साथ इतनी गहरी चुदाई हो जाएगी। लेकिन हुआ तो मजा आ गया।
