दीदी के पति ने मेरी चूत की प्यास बुझाई - vasna kahani

दीदी के पति ने मेरी चूत की प्यास बुझाई

दोस्तों यह मेरी वो गुप्त देसी हिंदी सेक्स कहानी है जिसे मैं हमेशा अपने दिल में छुपाए रखना चाहती थी पर आज मन हुआ कि सच शेयर कर दूं। मैं रिया हूं और यह घटना तब घटी जब मैं अपनी बड़ी बहन प्रिया के घर गई थी।

मेरे घर में छोटा भाई आर्यन और मम्मी पापा रहते थे। उस समय गर्मियों की छुट्टियां चल रही थीं। मम्मी पापा ने हमें अनुमति दे दी कि हम दोनों प्रिया दीदी के यहां दो महीने रह सकते हैं।

प्रिया दीदी की शादी लखनऊ में पांच साल पहले हुई थी। उनके पति राहुल जीजाजी के साथ वो छोटे फ्लैट में रहती थीं। जीजाजी कभी-कभी दीदी को मारते भी थे और शराब भी पीते थे लेकिन दीदी उन्हें बहुत प्यार करती थीं।

जब हमें पता चला कि हम जा रहे हैं तो दीदी बहुत खुश हुईं। हम स्टेशन पहुंचे तो जीजाजी हमें लेने आए थे। उनकी नजर मुझ पर अटक गई क्योंकि मैं अब छोटी लड़की नहीं बल्कि खूबसूरत जवान लड़की बन चुकी थी।

उन्होंने मेरे माथे पर किस किया और मुझे गले लगाया। जैसे ही उनका स्पर्श हुआ मेरे स्तन टाइट हो गए और पूरे शरीर में सनसनी दौड़ गई। फिर उन्होंने आर्यन को भी गले लगाया।

हम उनके घर पहुंचे जो शहर के सुनसान इलाके में था। दीदी से मिलकर बहुत खुशी हुई। हमने बताया कि दो महीने रहेंगे तो वो और खुश हो गईं।

जीजाजी ने कहा कि फ्रेश हो जाओ। आर्यन खेलने चला गया और मैं सामान निकालने लगी। मैं चुपके से किचन की तरफ गई तो सुना कि जीजाजी दीदी से कह रहे थे कि रिया तो बहुत हॉट माल बन गई है।

मैं शर्मा गई और वापस कमरे में चली गई। जीजाजी कपड़े की दुकान पर काम करते थे। दोपहर में कुछ घंटे घर आ जाते थे।

रात को खाना खाते समय जीजाजी मुझे घूर रहे थे। उन्होंने दीदी से कहा कि होली आने वाली है रिया को खूब रंग लगाएंगे। आर्यन ने भी मजा आने वाला कहा।

मैंने दीदी से पूछा कि यहां तो सिर्फ एक बेड है हम कैसे सोएंगे। दीदी बोलीं कि तू जीजाजी के साथ बेड पर सो जा। मैं घबरा गई लेकिन सो गए।

रात भर नींद नहीं आई। दूसरे दिन जीजाजी ने कहा कि दुकान की छुट्टी है अब मजा करेंगे। मैंने खाना बनाने का ऑफर दिया।

मैंने चुपके से सुना कि जीजाजी दीदी से कह रहे थे कि रिया को मनाओ एक बार मजा आएगा। दीदी ने हां कहा कि कोशिश करूंगी।

खाने के समय जीजाजी मेरी तारीफें कर रहे थे। मैंने दीदी से शिकायत की तो दीदी बोलीं कि जीजा का साली पर हक होता है। मैं शर्मा गई।

रात को सोते समय जीजाजी ने पूछा कि कल नींद आई थी। मैंने छेड़ते हुए कहा कि आपकी वजह से नहीं आई। उन्होंने कहा आज मैं नीचे सो जाऊंगा लेकिन आर्यन ने कहा कि वह अकेले सो जाएगा।

दीदी सेक्सी गाउन पहनकर आईं और बोलीं कि अगर तू ऊपर नहीं सोएगी तो मैं आर्यन के साथ नीचे सो जाऊंगी। मैं मान गई। मैंने भी ढीला गाउन पहना था।

बेड पर जीजाजी एक तरफ मैं दूसरी तरफ और दीदी बीच में सोईं। सुबह उठी तो मेरा गाउन खुला हुआ था ब्रा पैंटी दिख रही थी। दीदी का गाउन भी सरक गया था और उनकी चूत गीली दिख रही थी।

मैं घबरा कर उठी और बाथरूम में फ्लश करके सबको जगाया। होली के दिन दीदी ने स्पेशल खाना बनाने को कहा।

बातों में दीदी ने पूछा कि बॉयफ्रेंड है। मैंने मना किया। फिर मैंने पूछा कि कल रात क्या हुआ। दीदी ने बताया कि जीजाजी उन्हें रोज चोदते हैं।

उन्होंने मेरे स्तनों पर चुटकी ली और कहा कि तेरे बूब्स तो मेरे से बड़े हैं। दिन भर मेरी चूत गीली रहने लगी।

रात को जीजाजी शराब पीकर आए। दीदी ने उनकी मदद मांगी पैंट उतारने में। मैंने मदद की और उनका लंड अंडरवियर में तना हुआ दिखा।

दीदी ने अंडरवियर खींचकर लंड बाहर निकाला और हिलाने लगीं। मैं देखती रह गई। दीदी बोलीं कि देखना है तो बता।

मैं कुछ नहीं बोल पाई। दीदी ने कहा कि तुझे भी चोदवाना है क्या। जीजाजी उठ गए और मुझे पकड़ लिया।

उन्होंने मेरे होंठ चूसने शुरू किए। दीदी ने मेरा गाउन उतार दिया। मैं नंगी हो गई। जीजाजी का लंड बहुत बड़ा था।

दीदी ने मेरा मुंह उनके लंड की तरफ किया। मैंने पहली बार लंड चूसा। स्वाद अनोखा था। दीदी मेरी चूत चाट रही थीं।

फिर जीजाजी ने मुझे बेड पर लिटाया और अपनी उंगलियां मेरी चूत में डालीं। मैं चीख पड़ी लेकिन मजा आ रहा था।

दीदी बोलीं कि अब चोद दो इसे। जीजाजी ने अपना लंड मेरी चुत पर रखा और धीरे से धकेला। दर्द हुआ लेकिन फिर मस्ती आने लगी।

वे जोर जोर से चोदने लगे। मैं चुदवाती रही। दीदी मेरे स्तन चूस रही थीं।

कुछ देर बाद जीजाजी ने मेरा मुंह में लंड दिया और झड़ गए। मैंने सब पी लिया।

इसके बाद दीदी ने मुझे सिखाया कैसे चोदना होता है। हम तीनों रात भर चुदाई करते रहे।

अगले दिन होली खेलते समय जीजाजी ने मुझे रंग लगाया और अकेले में चोद दिया।

दीदी जानबूझकर हमें अकेला छोड़ देतीं। हम हर रोज चुदाई करते।

मेरी चुत अब जीजाजी के लंड के बिना रहने लगी थी। दीदी खुश थी कि उसका पति अब दो चुतों को संभाल रहा है।

दो महीने में मैं पूरी चुदक्कड़ बन गई। आर्यन को कुछ पता नहीं चला।

घर वापस जाने से पहले जीजाजी ने मुझे आखिरी बार चोदा और कहा कि फिर आना।

अब जब भी दीदी का फोन आता है मन करता है फिर जाऊं और चुदवाऊं।

यह थी मेरी सच्ची बहन की चुदाई वाली घटना जिसमें दीदी ने खुद मुझे अपने पति से चुदवाया।

दोस्तों अगर आपको मेरी यह हॉट घटना पसंद आई तो कमेंट करके बताओ और अपनी राय शेयर करो। मैं और भी अपनी छुपी कहानियां शेयर करूंगी अगर आप चाहोगे।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *