भाई बहन की गर्म चुदाई का मजा मुझे मेरी छोटी बहन ने मामू के घर में दिया. मामू बीमार थे तो हम दोनों उनकी तीमारदारी के लिए गए थे. पहल मेरी बहन ने की.
एक बहन का नाम रोशनी शेख है.
आज मैं अपनी एक कहानी बताने जा रहा हूँ इस भाई बहन की गर्म चुदाई कहानी में मैंने अपनी बहन के साथ सेक्स कैसे किया, उसे लिखा है.
मेरी उम्र 19 साल है और मेरी बहन की उम्र 18 साल है.
मेरे अब्बू का खुद का बिजनेस है और मेरे दोनों बड़े भाई अब्बू के साथ काम करते हैं.
एक दिन की बात है. मेरी मामू की तबीयत खराब हो गई.
अम्मी ने मुझे कॉल किया.
वे बोलीं- बेटा, कहां हो? जल्दी से घर पर आ जाओ!
मैं दस मिनट बाद घर पहुंचा, तो अम्मी ने सब बताया.
मैंने कहा- मैं अपने दोस्त के साथ चला जाता हूँ.
अम्मी ने मना किया- नहीं अपनी बहन को लेकर जा!
मैंने कहा- ठीक है.
एक बात और बता दूँ, मेरी मामू की वाइफ यानि मेरी मामी की डेथ हो गई है और उनका लड़का यानि मेरा भाई कहीं बाहर दसवीं में पढ़ता है तो मामू की देखभाल के लिए कोई नहीं था.
इसी वजह से मुझे उनके पास जाना पड़ा.
मैंने अम्मी से पूछा- ठीक है, कब निकलना है?
अम्मी बोलीं- अभी ही निकल जाओ.
मैंने कहा- ठीक है.
मैं नहाने के लिए बाथरूम में चला गया.
मैंने बाथरूम में से ही अम्मी को आवाज दी कि आप रोशनी से बोल दो कि तैयार हो जाए.
अम्मी ने रोशनी को साथ ले जाने के लिए इस वजह से कहा था क्योंकि एक तो मामू मेरी बहन यानि रोशनी से बहुत प्यार करते हैं और दूसरी बात यह कि खाना आदि की व्यवस्था के लिए वह सही रहती.
मामू का घर ज्यादा दूर नहीं है, यहां से जाने में 3-4 घंटे लगते हैं.
मैं और बहन बस से निकल गए.
वहां पहुंचे तो मामू को देखा.
उस वक्त वे मुझे ठीक लग रहे थे.
मैंने उनसे पूछा तो मालूम हुआ कि मामू ने दवाई ले ली थी.
मामू के घर में दो कमरे हैं.
मामू ने कहा- अभी आए हो तो आराम कर लो. कल तुम्हें मेरे साथ डॉक्टर के पास चलना है.
मैंने कहा- ठीक है.
मैं अपनी बहन से ज्यादा बात नहीं करता क्योंकि मैं दिन भर इधर-उधर घूमता रहता था.
मामू ने कहा- कुछ खा लो.
मैंने मना कर दिया- नहीं, घर से खाना खाकर निकले थे तो अभी भूख नहीं लग रही है.
यूं ही दिन निकल गया और अब रात के करीब 9 बज गए थे.
मैं कमरे में आकर फ्री फायर खेलने लगा.
थोड़ी देर बाद बहन की आवाज़ आई- शान कहां हो?
मैं बोला- कमरे में हूँ, तूने खाना खा लिया?
उसकी आवाज आई कि हां खा लिया. तुम भी खा लो.
मैं बाहर गया और खाना खाकर वापस कमरे में आ गया और गेम खेलने लगा.
फिर बहन आई और बोलने लगी- कभी फोन को आराम करने भी दिया करो यार!
मैंने कहा- ठीक है. तुम सोने जा रही हो क्या?
बहन बोली- हां, बता कोई काम है क्या?
मैंने कहा- नहीं, कोई काम नहीं है. जाओ सो जाओ. मैं 11 बजे सोऊंगा.
बहन बोली- ठीक है.
गेम खेलते-खेलते पता ही नहीं चला कि कब 12 बज गए.
मैंने फोन रखा और बाथरूम में गया तो मैंने देखा कि बहन की पैंटी उधर ही पड़ी थी.
मैं बाहर आया और पहले लाइट बंद कर दी, फिर मैंने अपनी बहन को अच्छे से देखा.
मेरी बहन एकदम हॉट माल लग रही थी मैं उसके पास गया और उसे हवस से देखने लगा.
मेरा मन किया कि उसकी चूचियां दबाऊं, लेकिन मैंने ये सोच कर नहीं किया कि कहीं बहन उठ न जाए और लफड़ा न हो जाए.
मैं अपने बिस्तर पर आ गया और लौड़े को सहलाता हुआ सो गया.
सुबह हम लोग अस्पताल गए.
उधर डॉक्टर ने बताया कि मामू को दो दिन तक अस्पताल में रहना होगा.
मैंने हां कहा.
बहन बोली- तुम इधर ही रुको, मैं घर जाकर खाना बनाकर ले आती हूँ.
मामू ने कहा- शान, तुम साथ चले जाओ.
मैंने कहा- ठीक है.
फिर मैं बहन के साथ ऑटो में बैठ कर घर के लिए चल दिया.
रास्ते में बहन ने मुझसे पूछा- तेरी कोई गर्लफ्रेंड है क्या?
मैं तो उसके मुँह से यह सुनकर चौंक गया कि यह कैसे सवाल कर रही है.
मैंने कहा- नहीं है … क्यों पूछा?
बहन बोली- बस ऐसे ही.
मैं मोबाइल में गेम खेलने लगा.
हम दोनों घर आ गए.
घर आकर बहन खाना बनाने लगी थी.
मैं नहाने चला गया.
मैं बाथरूम से बाहर आया तो मैंने अपनी बहन से कहा- बाथरूम के दरवाजे की कुंडी खराब हो गई है, लग नहीं रही है.
उसने हुंउ कहा और अपने काम में मगन हो गई.
कुछ देर बाद मेरी बहन नहाने गई.
उसके बाथरूम में जाते ही मुझे कल वाली बात याद आ गई.
मैं उठा और बाथरूम के पास जाकर देखा तो पाया कि बहन अपनी चूत की झांटें साफ कर रही है.
मैंने अपना लंड पजामे से बाहर निकाला और हिलाने लगा.
उसकी चुत देख कर मेरा लंड एकदम से कड़क हो गया था और दस मिनट तक मुठ मारने के बाद मेरे लौड़े से सारा माल निकलने को हो गया.
मैंने वहीं फर्श पर वीर्य गिरा दिया और मैं वापस बेड पर जाकर बहन के बाहर आने का इंतज़ार करने लगा.
बहन जैसे ही बाहर आई, तो उसके कदम मेरे वीर्य पर ही पड़ा.
उसने मेरे माल पर पैर रखा तो एकदम चिकना हो जाने के कारण वह अपना संतुलन संभाल न सकी और फिसल कर फर्श पर गिर गई.
उसकी आह की आवाज निकली तो मैं उठ कर उसके पास आ गया.
मैंने बहन को उठाया और उसे बिस्तर पर लेटा दिया.
बहन के कमर पर चोट लग गई थी.
मैंने कहा- तुमको चोट लग गई है तो तुम अस्पताल मत जाओ, मैं अस्पताल चला जाता हूँ. तुम इधर ही आराम कर लो, ठीक है?
वह मेरी बात से रजामन्द हो गई.
मैं अस्पताल आ गया.
मैंने मामू को ये सब बात बताई.
मामू ने कहा- अरे तो तुम घर जाओ और अपनी बहन को देखो, वह ठीक है न?
कुछ देर तक बातचीत हुई और अंततः मैं घर जाने के लिए राजी हो गया.
मैं घर पर आ गया.
बहन बेड पर लेटी हुई थी.
मैं उसके पास गया तो बहन बोली- आ गया तू? वहां पर क्यों नहीं रुका?
मैंने कहा- मामू ने ही घर आने का बोला.
बहन ने कहा- चलो ठीक है, खाना खा लिया है कि बनाऊं?
मैंने कहा- खा लिया है. तेरे लिए कुछ मँगवा दूँ?
उसने कहा- अभी नहीं … बाद में ऑर्डर कर दूँगी.
मैं फोन में इंस्टाग्राम चलाने लगा.
बहन बोली- कभी तो फोन से अलग की दुनिया भी देख लिया कर!
मैंने कुछ नहीं कहा और फोन रख दिया.
मैं रोशनी से बात करने लगा.
अब तकरीबन एक बजने वाला था.
मेरी बहन ने फिर से वही बात कही- तेरी कोई जीएफ सच में नहीं है क्या?
मैंने कहा- नहीं है यार बताया तो था … पर तुम यह सब क्यों बार बार पूछ रही हो?
बहन बोली- बस ऐसे ही.
मैंने कहा- ठीक है मैं सोने जा रहा हूँ. तुम भी सो जाओ, ठीक है?
करीब 3 बजे मेरी आंख खुली.
मैंने देखा कि बहन का चेहरा मेरी तरफ है तो मैं सीधा हो गया.
कुछ देर बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला और हिलाने लगा.
मुझे मजा आने लगा तो मैंने अपनी आंखें बंद कर लीं.
फिर अचानक ही बहन ने मेरे करीब आकर मेरे लंड को अपने हाथ में पकड़ लिया और हिलाने लगी.
मैं एक पल के लिए डर गया था.
आज से पहले मैंने किसी लड़की को अपना लंड नहीं दिया था.
मैंने कुछ नहीं कहा.
बहन ने मुझे किस करना शुरू किया.
मैं भी करने लगा.
बहन ने कहा- कभी सेक्स किया है तूने?
मैंने कहा- नहीं, बस तुझको देखकर हिलाया है, बस.
बहन ने बोला- मुझे बता, तूने अपना माल गिराया था न … मैं वहीं गिरी थी न? मेरे हाथ पर लगा तो मैं समझ गई कि तूने ही मुठ मारी है!
मैं हंस दिया.
मेरी बहन मेरे करीब आई और मुझे होंठों पर किस करने लगी.
मैंने बहन को अपने ऊपर खींच लिया और उसके साथ चूमाचाटी करने लगा.
हम दोनों गर्म होने लगे थे तो मैंने उसके कपड़े उतार दिए और उसकी चूचियां दबाने लगा.
मैंने पहली बार किसी लड़की को कपड़े उतार कर फेस टू फेस देखा था … मुझे बहुत अच्छा लग रहा था.
फिर बहन ने मेरे लंड को मुँह में लेना शुरू किया, तो मैं तो समझो जन्नत में विचरने लगा था.
अब मेरा माल निकलने वाला हो गया था तो मैंने बहन से कहा- मेरा माल निकलने को है!
तब भी बहन ने मेरे लंड को मुँह में ही रखा … वह शायद मेरे वीर्य को खाना चाहती थी.
मैं यह सोच कर बिंदास हो गया और बहन के मुँह से लंड चुसवाने में मस्त हो गया.
तभी मेरे लंड से वीर्य की पिचकारी छूटी और मेरी बहन रोशनी के हलक में समाती चली गई.
उसने भी झट से मेरे लवड़े को अपने होंठों में भींच लिया और हाथ से लंड को मसल मसल कर उसमें से रस निचोड़ने लगी.
मेरे लौड़े की एक एक बूंद को वह किसी पेशेवर रंडी की तरह चूसती चली गई और सारा माल चट कर गई.
अब मेरे लंड का तनाव ढीला हो गया था, तो उसने मेरे लंड को मुँह से बाहर निकाला और नशीली आंखों से मुझे देखती हुई बोली- मजा आया भाई?
मैंने उसके एक दूध को पकड़ कर मसला और कहा- साली तू तो पक्की रांड हो गई है मादरचोद … किधर से सीखा यह सब?
वह हंस कर बोली- साले दूध को सहला कर चूस … मसल कर उसकी अम्मी न चोद.
मैंने हंस कर उसके दूध को छोड़ा और निप्पल को मींजने लगा.
मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए और अब हम दोनों नग्न हो गए थे.
हम दोनों एक साथ लिपट कर लेट गए थे.
वह मुझे अपनी जीभ चुसवा रही थी और मैं मजे में उसकी शर्मगाह में उंगली कर रहा था.
कुछ देर बाद सनसनी बढ़ी तो मैं 69 में आ गया और उसकी शर्मगाह चूस कर उसकी हवस को भड़काने लगा.
वह जल्द ही चुदासी हो गई और सीधे होकर उसने मेरे लंड पर अपनी शर्मगाह टिका दी.
हालांकि मैं समझ तो पहले ही गया था कि यह चुदी चुदाई लौंडिया है मगर इधर क्या फर्क पड़ने वाला था.
मैंने उसे अपने लौड़े पर सैट किया और गांड उठा कर लंड को चुत में पेल दिया.
वह आह करके लंड को चुत में खाती चली गई और जल्द ही हम दोनों एक मस्त सेक्स का मजा लेने लगे.
वह मुझे अपने दूध चुसवाती हुई चुत में लंड ले रही थी. मैं भी उसकी कमर को अपने दोनों हाथों से पकड़ कर उसे अपने लौड़े पर झूला झुला रहा था.
करीब बीस मिनट की चुदाई के बाद मैंने रोशनी की शर्मगाह में ही अपना जोहर ख़ारिज कर दिया और हम दोनों यूं ही एक दूसरे से चिपक कर सो गए.
उस दिन के बाद से मैंने रोशनी को न जाने कितनी बार चोदा होगा, उसका कोई अंदाज ही नहीं है.
दोस्तो, आपको मेरी भाई बहन की गर्म चुदाई कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.